कृष्ण के मित्र सुदामा का वध क्यों किया था भगवान शिव ने, सच जानकर रह जायेंगे अचम्भित

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं शास्त्रों के एक अद्भुत सत्य के बारे में जिसके पर में शायद आप विश्वास ना करें किंतु यह बात एकदम सत्य है। जिसका उल्लेख हमें आज भी शास्त्रों में मिलता है कि कृष्ण के प्रिय मित्र सुदामा का वध भगवान शिव ने ही किया था। आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि भगवान शिव ने सुदामा का वध क्यों और कैसे किया था। सुदामा का पुनर्जन्म रहस्य: सुदामा की मृत्यु के पश्चात जब सुदामा को स्वर्ग लोक में रहने का स्थान प्राप्त हुआ था तब स्वर्ग लोक में सुदामा और विराजा दोनों निवास करते थे। सुदामा विराजा से अद्भुत प्रेम करते थे किंतु यह विराजा भगवान श्री कृष्ण से प्रेम करती थी जब श्री कृष्ण और विराजा अपने प्रेम में लीन थे। तो उस समय राधा जी वहां पर प्रकट हो गई थी तथा उन्होंने विराजा को ऐसा देख कर के पृथ्वी लोक पर निवास करने का श्राप दे दिया था।उसी प्रकार किसी कारणवश राधा ने सुदामा को भी श्राप देकर के प्रथ्वीलोक पर भेज दिया था। सुदामा और विराजा का पुनर्जन्म: जब सुदामा और विराजा को श्राप के कारण पृथ्वी पर आना पड़ा तो सुदामा का जन्म एक शंखचूर्ण नामक राक्षस के रूप में ह...

समुद्र शास्त्र में लिखा है आपके जीवन का रहस्य

सामुद्रिक शास्त्र के परिणाम शारीरिक अंगो का विश्लेषण कर व्यक्ति के चरित्र की व्याख्या करना ही सामुद्रिक शास्त्र है। यह हिन्दू शास्त्रों द्वारा प्रदान की गई ऐसी विधा है जिसे गहरे अध्ययन के बाद ही उजागर किया गया। सोचा जाए तो वर्षों लगे होंगे हर विषय से संबंधित निष्कर्ष प्रदान करने में और वह भी एक ऐसा निष्कर्ष जो हर रूप, हर व्यक्ति पर फिट बैठ सके। सामुद्रिक शास्त्र खैर आज हम आपके सामने सामुद्रिक शास्त्र के गहरे विज्ञान में से कुछ इक्का-दुक्का प्वाइंट्स लेकर आए हैं जो शायद आपने ना जाने हों। ये सारे प्वाइंट्स शारीरिक अंगों से ही संबंधित हैं। सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के रंग, उसकी चाल, उसका आवाज से भी स्वभाव का पता लगाया जाता है लेकिन आगे बताए जा रहे प्वाइंट्स में हम शारीरिक अंगों की ही बात करेंगे.......

 दांत पर दांत जिन लोगों के दांत पर दांत होता है वे भाग्यशाली माने जाते हैं। व्यवहार में ये लोग साहसी और खुल विचारों वाले होते हैं जिसके चलते इनके कई दोस्त बनते हैं। लेकिन कई बार ये लोग कम किंतु हमेशा साथ निभाने वाले दोस्त बनाते हैं।

 शरीर पर अधिक बाल जन्म से ही जिन लोगों के शरीर पर अधिक बाल होते हैं वे लोग वह काम वासना व भोग-विलास को अधिक महत्व देने वाले माने जाते हैं। इसके अलावा ये लोग फूडी होते हैं, मेहनती होते हैं और नए-नए काम करने में दिलचस्पी भी रखते हैं। छाती पर अधिक बाल जिस व्यक्ति की छाती पर अधिक बाल होते हैं, वह संतोषी प्रवृत्ति का होता है। वह अपनी दिनचर्या के अनुसार ही जीवन व्यतीत करता है। ऐस लोग अमूमन धनी ही होते हैं, या फिर अधिक धनी नहीं तो इनकी लाइफ में उतना धन हमेशा उतना होता है जितने की इनको जरूरत हो।

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 रोमहीन छाती छाती पर अधिक बाल के ठीक विपरीत जिनकी छाती पर जन्म से ही एक भी बाल नहीं होता ऐसे लोग बेशर्म और स्वार्थी प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोग विश्वास के योग्य नहीं होते। इनके एक से अधिक प्रेम प्रसंग होते हैं और ये लड़कियों को धोखा देने में माहिर होते हैं।

 हाथ में 6 अंगुलियां यह अजीब है लेकिन सच भी है.... कई ऐसे लोग होते हैं जिनके हाथ में 5 नहीं बल्कि 6 अंगुलियां होती हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसे लोगों का भाग्य तेज़ होता है। ये लोग हर चीज में अधिक फायदा कमाने वाले और हर काम में छानबीन करने वाली प्रवृत्ति के होते हैं। लेकिन साथ ही ये लोग ईमानदार और मेहनती भी होते हैं।

 पतली जांघें शांत स्वभाव के होते हैं वे लोग जिनकी जांघें पतली होती हैं। इसके अलावा ये लोग हिम्मत वाले होते हैं। मेहनत करने से पीछे नहीं हटते और चतुराई में इन्हें कोई मात नहीं दे सकता। ते लोग तो अपने शत्रु से भी काम निकलवा लेते हैं।

 स्त्री के मुख पर मूंछ के बाल कुछ स्त्रियों के मुख पर प्राकृतिक रूप से ही मूंछ के बाल निकल आते हैं। यूं तो यह बाल हर स्त्री के मुख पर आते हैं लेकिन सामान्य से अधिक बाल आना उसके ‘गुस्सैल’ होने की निशानी होती है। स्त्री के मुख पर मूंछ के बाल सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसी स्त्री सिर्फ अपनी बात मनवाने वाली और पति पर हुक्म चलाने में माहिर होती है। ये जिद्दी होती है और अपनी बात मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

 पीठ पर उठा हुआ कुब्ब शायद आपने क भी गौर किया हो कुछ लोगों की पीठ पर उठा हुआ कुब्ब होता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसे लोग स्वार्थी होते हैं। ये लोग दूसरे की शक्ति का अनुचित लाभ उठाता है। ये दूसरों के धन से ही अपना व्यापार चलाते हैं और फायदा उठाते हैं। इसके अलावा इनके व्यवहार में उखड़ापन और हठ भी देखने को मिलता है।

 नाक के छिद्र नाक के छिद्र छोटे होना या बड़े होना, इसके आधार पर भी सामुद्रिक शास्त्र हमें व्यक्ति के नेचर की दिलचस्प व्याख्या देता है। जिसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति के नाक के छिद्र छोटे हैं, तो वह संकुचित विचारों वाला होगा। ऐसे लोग कभी किसी के प्रिय नहीं बन पाते। नाक के छिद्र लेकिन अगर नाक के छिद्र लंबे व नोकदार हो तो ऐसे लोग दूरदर्शी व स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। ये लोग अपने से बड़ों का आदर करते हैं और इन्हें संपूर्ण पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।

जिन लोगों के हाथ लम्बे होते हैं, वे अधिक कल्पनाशील एवं कर्मठ होते हैं। ऐसे लोग अपने परिवार या जाती से हटकर कार्य करने वाले होते हैं। अधिकतर सफल जीवन जीते हैं।

हंसते वक्त जिन जातक-जातिकाओं के गाल पर गड्ढे बनते हैं वे धनी होते हैं, लेकिन चालाक होते हैं एवं राजनिती करने में प्रवीण होते हैं।

जिस स्त्रि के शरीर पर पुरुषों के समान अधिक बाल होते हैं,  या मूंछे आती हो, उसके जीवन में दाम्पत्य सुख कम होता है।

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जिन लोगों के हाथ के अगूंठे के पीछे बाल होते हैं वे अधिक बुद्धिमान होते हैं।

दांतों के मध्य छिद्र हो तो ऐसे लोग बहुत बोलते हैं, एवं कुटिल होते हैं।

लम्बी जीभ व्यक्ति के जीवन में सुखों की अधिकता दर्शाती है। जिन जातकों की जीभ नाक को छूती है, वे सत्य बोलने वाले होते हैं।

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जिन लोगों की नाक तोते के समान होती हैं वे धनवान अवश्य बनते हैं।

जो लोग पलके अधिक झपकाते हैं वे प्राय: कम विश्वनीय होते हैं।

जो लोग बात करते समय अपने मुहं को ढकने का प्रयास करते हैं वे अधिकतर झूठ बोलने के आदि होते हैं।

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पेट पर तिल हो तो व्यक्ति चटोरा होता है। ऐसे लोग खाने पीने के बडे शौकिन होते हैं।

जिनके माथे पर चंद्र, पुंडरीक, त्रिशूल या धनुष  जैसा चिन्ह बना हो वे अधिक मान सम्मान प्राप्त करने वाले तथा ऐश्वर्य से युक्त जीवन जीते हैं।

जो व्यक्ति अपने अंगूठे को दबाकर रखते हैं या मुट्ठी बंद करते समय अगूंठा भी बंद होता हो उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी होती है।

समुद्रशास्त्र आपके बारे में क्या कहता है यह जानने के लिए आप कमेंट बॉक्स में हम अपनी जानकारी दें हम आपके उस स्वभाव के अनुरूप समुद्र शास्त्र की जानकारियों को अपने अगले पोस्ट में प्रकाशित करेंगे।

Comments

  1. Aankho ke safed bhag me til ke baare me batane 🙏🙏

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