कृष्ण के मित्र सुदामा का वध क्यों किया था भगवान शिव ने, सच जानकर रह जायेंगे अचम्भित

Image
आज हम आपको बताने जा रहे हैं शास्त्रों के एक अद्भुत सत्य के बारे में जिसके पर में शायद आप विश्वास ना करें किंतु यह बात एकदम सत्य है। जिसका उल्लेख हमें आज भी शास्त्रों में मिलता है कि कृष्ण के प्रिय मित्र सुदामा का वध भगवान शिव ने ही किया था। आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि भगवान शिव ने सुदामा का वध क्यों और कैसे किया था। सुदामा का पुनर्जन्म रहस्य: सुदामा की मृत्यु के पश्चात जब सुदामा को स्वर्ग लोक में रहने का स्थान प्राप्त हुआ था तब स्वर्ग लोक में सुदामा और विराजा दोनों निवास करते थे। सुदामा विराजा से अद्भुत प्रेम करते थे किंतु यह विराजा भगवान श्री कृष्ण से प्रेम करती थी जब श्री कृष्ण और विराजा अपने प्रेम में लीन थे। तो उस समय राधा जी वहां पर प्रकट हो गई थी तथा उन्होंने विराजा को ऐसा देख कर के पृथ्वी लोक पर निवास करने का श्राप दे दिया था।उसी प्रकार किसी कारणवश राधा ने सुदामा को भी श्राप देकर के प्रथ्वीलोक पर भेज दिया था। सुदामा और विराजा का पुनर्जन्म: जब सुदामा और विराजा को श्राप के कारण पृथ्वी पर आना पड़ा तो सुदामा का जन्म एक शंखचूर्ण नामक राक्षस के रूप में ह...

महावीर हनुमान के सिद्ध मंत्र, जिसके जाप से सभी दुखों का नाश हो जाता है


देवों में हनुमान ही मात्र एक ऐसे देव है जो अपनी शक्तियों का संचालन स्वयं करते है तो भक्त उनकी सरण ग्रहण करता है तो निश्चित ही दुखों से आज़ाद हो सकता है। आज हम आपको महावीर हनुमान के सिद्ध मंत्रों के बारे में बताने जा रहे है, रामायण के मतानुसार जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा से उनकी भक्ति करता है वह निश्चित ही सभी परेशानी से उभर सकता है।
RelianceTrends CPV (IN)

भय नाशक मंत्र-

दुःख के समय में हर व्यक्ति आने वाली विपत्ति से भयभीत हो जाता है ऐसे में जातक के मन में अनजान सा दर छुपा हुआ होता है, यदि आप भी ऐसी समस्या है परेशान है तो हनुमान जी के इस मंत्र का जाप करने से मन स्थिर होने लगता है- ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट।

मनोकामना पूर्ति मंत्र-

काफ़ी मेहनत करने के बावजूद भी व्यक्ति की इच्छाएँ जल्दी पूर्ण नहीं हो पाती, ज्योतिष बताते है कि व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष की वजह से भी ऐसे योग बन जाते है तब हनुमान जी के इस मंत्र से जल्द लाभ मिल सकता है- महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये।

दुःख एवं बढ़ा को दूर करने का मंत्र-

यदि आप किसी दुःख से परेशान है अथवा बनते हुए काम बिगड़ रहे है तो ऐसे समय में हनुमान जी का सर्व बाधा निवारण मंत्र का बड़े ही ध्यान और भक्ति पूर्वक जाप करना चाहिए- आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर, त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात।

Comments

Popular posts from this blog

शेषनाग भगवान शिव पर हुए थे क्रोधित, जिसका भयंकर प्रभाव आज भी भोग रहा है कलयुग

किसीको भी वश में करें हनुमान वशीकरण मंत्र से

भगवन शिव ने बताई थी कलयुग की 5 भयंकर बातें, जिसने जान ली वह हमेशा रहेगा खुश