कृष्ण के मित्र सुदामा का वध क्यों किया था भगवान शिव ने, सच जानकर रह जायेंगे अचम्भित

Image
आज हम आपको बताने जा रहे हैं शास्त्रों के एक अद्भुत सत्य के बारे में जिसके पर में शायद आप विश्वास ना करें किंतु यह बात एकदम सत्य है। जिसका उल्लेख हमें आज भी शास्त्रों में मिलता है कि कृष्ण के प्रिय मित्र सुदामा का वध भगवान शिव ने ही किया था। आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि भगवान शिव ने सुदामा का वध क्यों और कैसे किया था। सुदामा का पुनर्जन्म रहस्य: सुदामा की मृत्यु के पश्चात जब सुदामा को स्वर्ग लोक में रहने का स्थान प्राप्त हुआ था तब स्वर्ग लोक में सुदामा और विराजा दोनों निवास करते थे। सुदामा विराजा से अद्भुत प्रेम करते थे किंतु यह विराजा भगवान श्री कृष्ण से प्रेम करती थी जब श्री कृष्ण और विराजा अपने प्रेम में लीन थे। तो उस समय राधा जी वहां पर प्रकट हो गई थी तथा उन्होंने विराजा को ऐसा देख कर के पृथ्वी लोक पर निवास करने का श्राप दे दिया था।उसी प्रकार किसी कारणवश राधा ने सुदामा को भी श्राप देकर के प्रथ्वीलोक पर भेज दिया था। सुदामा और विराजा का पुनर्जन्म: जब सुदामा और विराजा को श्राप के कारण पृथ्वी पर आना पड़ा तो सुदामा का जन्म एक शंखचूर्ण नामक राक्षस के रूप में ह...

जब एक मुस्लिम ने उठाया मूर्तिपूजा पे सवाल तभी स्वामी विवेकानंद ने कह दी यह बात

दोस्तों बात उस समय की है जब एक मुस्लिम नवाब ने स्वामी विवेकानंद को अपने पास बुलाकर उनका आदर सत्कार किया क्योंकि स्वामी विवेकानंद हिंदू प्रतिनिधि के रूप में उभरे थे। मुस्लिम नवाब और स्वामी विवेकानंद के बीच काफी बातचीत चलती रही लेकिन तभी मुस्लिम नवाब ने उनसे पूछा कि आपके हिंदू धर्म में मूर्ति पूजा क्यों करते हैं।

मुस्लिम नवाब ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम धर्म में सब कुछ समान है और ईश्वर अल्लाह भी एक ही है। लेकिन मुझे यह बात समझ नहीं आती कि हिंदू धर्म में लोग मूर्ति पूजा क्यों करते हैं। स्वामी विवेकानंद मुस्लिम नवाब की बात को समझ गए थे कि तभी स्वामी विवेकानंद को मुस्लिम नवाब के पीछे लगी एक तस्वीर दिखाई थी जो कि मुस्लिम नवाब के पिता की तस्वीर थी।

RelianceTrends CPV (IN)

स्वामी विवेकानंद जी ने वह तस्वीर मुस्लिम नवाब से मंगवाई और फिर बोले कि आप इस तस्वीर को फेंक दें। मुस्लिम नवाब ने कहा कि यह मेरे पिता की तस्वीर है मैं इसमें अपने पिता को देख सकता हूं आप ये क्या कह रहे हैं। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा जिस तरह आप इस तस्वीर में अपने पिता को देख सकते हैं ठीक उसी तरह हम हिंदु भी मूर्ति के अंदर अपने भगवान को देख सकते हैं। मुस्लिम नवाब स्वामी विवेकानंद की बात को समझ गए और उनके पैरों में जा गिरे और उनसे कहा कि अब मैं समझ गया हूं कि मूर्ति पूजा का हिंदू धर्म में कितना महत्व है।

दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो लाइक और शेयर करें

Comments

Popular posts from this blog

शेषनाग भगवान शिव पर हुए थे क्रोधित, जिसका भयंकर प्रभाव आज भी भोग रहा है कलयुग

किसीको भी वश में करें हनुमान वशीकरण मंत्र से

भगवन शिव ने बताई थी कलयुग की 5 भयंकर बातें, जिसने जान ली वह हमेशा रहेगा खुश