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Showing posts from June, 2018

कृष्ण के मित्र सुदामा का वध क्यों किया था भगवान शिव ने, सच जानकर रह जायेंगे अचम्भित

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं शास्त्रों के एक अद्भुत सत्य के बारे में जिसके पर में शायद आप विश्वास ना करें किंतु यह बात एकदम सत्य है। जिसका उल्लेख हमें आज भी शास्त्रों में मिलता है कि कृष्ण के प्रिय मित्र सुदामा का वध भगवान शिव ने ही किया था। आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि भगवान शिव ने सुदामा का वध क्यों और कैसे किया था। सुदामा का पुनर्जन्म रहस्य: सुदामा की मृत्यु के पश्चात जब सुदामा को स्वर्ग लोक में रहने का स्थान प्राप्त हुआ था तब स्वर्ग लोक में सुदामा और विराजा दोनों निवास करते थे। सुदामा विराजा से अद्भुत प्रेम करते थे किंतु यह विराजा भगवान श्री कृष्ण से प्रेम करती थी जब श्री कृष्ण और विराजा अपने प्रेम में लीन थे। तो उस समय राधा जी वहां पर प्रकट हो गई थी तथा उन्होंने विराजा को ऐसा देख कर के पृथ्वी लोक पर निवास करने का श्राप दे दिया था।उसी प्रकार किसी कारणवश राधा ने सुदामा को भी श्राप देकर के प्रथ्वीलोक पर भेज दिया था। सुदामा और विराजा का पुनर्जन्म: जब सुदामा और विराजा को श्राप के कारण पृथ्वी पर आना पड़ा तो सुदामा का जन्म एक शंखचूर्ण नामक राक्षस के रूप में ह...

आत्मा को कितने दिन बाद मिलता है दूसरा शरीर, जानकर चौक जाएंगे आप

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दोस्तों जैसा कि सबको पता है कि आत्मा अजर अमर है आत्मा को कभी कोई नहीं मार सकता जैसे हमारा शरीर एक वस्त्र को उतार कर दूसरा वस्त्र पहनता है वैसे ही हमारी आत्मा हमारा एक शरीर को छोड़ दूसरा शरीर धारण करता है, लेकिन दोस्तों एक शरीर को छोड़कर दूसरे शरीर को प्राप्त करने का अर्थ शरीर से नहीं है, यह निर्भर करता है आपके कर्मों और प्रकृति के देन के अनुसार। मृत्यु के बाद आत्मा किसी भी शरीर में प्रवेश नहीं कर सकती, नियति उसे किसी शरीर में प्रवेश करने का निर्णय लेती है। मृत्यु के बाद इंसान की आत्मा कितने दिन तक भटकती रहेगी इसके बारे में हमारे हिंदू धर्म के वेद पुराणों में लिखी हुई है। दोस्तों एक शरीर को छोड़ने के बाद आत्मा नियमित रूप से किसी भी शरीर को धारण नहीं कर सकती है। किसी आत्मा को दूसरा शरीर धारण करने में बहुत दिक्कतें होती हैं और बहुत भटकना पड़ता है, लेकिन किसी-किसी आत्माओं को 3 दिन के भीतर ही दूसरा शरीर मिल जाता है। दोस्तों इनमें से कुछ आत्माएं ऐसी भी होती है जो 10 या 13 दिन में दूसरे शरीर को धारण करती है, इसी कारण दोस्तों हमारे हिंदू धर्म में 10वीं और 13वी मनाई जाती है। दो...

इन 10 पापों को कभी नहीं माफ करते हैं भगवान शिव, जान लो वरना बाद में पड़ेगा मेहंगा

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दोस्तों भगवान शिव को लेकर कहाँ जाता हैं की वे भोलेनाथ हैं भक्तों से बड़ी जल्दी प्रसन्न होते है लेकिन यह जितने भोले हैं और जल्दी प्रसन्न होते है उनका गुस्सा भी उतना ही प्रलयंकारी हैं कहते हैं जिस दिन शिव ने अपनी तीसरी आँख खोल दी उस दिन दुनिया का अंत निश्चित हैं शिव पुराण में कई ऐसे काम बातें और व्यवहार के बारे में बताया गया हैं जिन्हें पाप कर्म माना जाता हैं अगर कोई भी मनुष्य यह 12 पाप काम करता हैं तो भगवान शिव उसे कभी क्षमा नहीं करते ऐसे व्यक्ति हमेशा ही भगवान शिव के प्रकोप का भागी बनता हैं और सुखमय जीवन नहीं बिता पाता आप ने सुना होगा की ऊपर वाले से कुछ भी नहीं छिपा होता यहाँ तक की आप अपने मस्तिष्क में जो सोच रहे होते हैं वह भी भगवान को पता होता हैं इसलिए बातें या व्यवहार या किसी के बारे में बुरा सोचा हो तो यह पाप के श्रेणी में आता हैं तो चलिए दोस्तों आपको बताते हैं शिवपुराण में 12 ऐसे पाप जिसे करने से भगवान शिव बेहद नाराज हो जाते हैं और ऐसे मनुष्य को शिव का प्रकोप झेलना पड़ता हैं। दूसरे के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखने वाला या उसे पाने की इच्छा रखना भी पाप की श्रेणी में...

जिस घर में होते है ये तीन निशान उन्हें कोई नहीं कर सकता परेशान

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  घर में खुशियों को नजर लग जाना, बच्चो का पढ़ाई में मन न लगना, घर में सदस्यों का बार बार बीमार होना, व्यपार आदि में नुकसान होना, नौकरी में प्रमोशन न मिलना ये सब इस तरह की परेशानियां जिसके आने के बाद व्यक्ति असमंजस में रहता है वह समझ नहीं पता है कि आखिर उसके घर में ये सब क्यों हो रहा है. इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए वह कई सारे नुस्खे आजमाने में लग जाते है लेकिन क्या आप जानते है कि घर में इस तरह की परेशानी आने का मतलब आपके घर में नकरात्मक ऊर्जा का अस्तित्व बढ़ चुका है. अगर आप अपने परिवार को इन बुरी चीजों से बचाना चाहते है तो आपको वास्तु एवं ज्योतिष के मुताबिक़ कुछ ख़ास बातें जानना बेहद जरुरी है जो आपके घर की इन परेशानियों को आसानी से दूर कर सकती है. वास्तु एवं ज्योतिष के मुताबिक़ अगर आप अपने घर के दरवाजे पर ॐ स्वास्तिक त्रिशूल को टाँगे तो ये आपको बुरी नजरो से बचा सकता है. त्रिशूल , ॐ और स्वास्तिक ये तीन ऐसे चिन्ह है जो आपके घर में हमेशा सुख समृद्धि लाते है. हिन्दू धर्म में इन तीन चिन्हों को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. शास्त्रों के मुताबिक़ घर में स्वास्तिक चिन्...
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रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, कुशल सेनापति, वास्तुकला का मर्मज्ञ और बहु विधाओं का जानकार था। लेकिन रावण में अहंकार भरा हुआ था। और वह अपने आप को सबसे बुद्धिमान और बलवान मानता था। और सीता को उठाकर ले जाने से रावण का विनाश हुआ। इस गलत काम की वजह से लोग आज भी रावण को बुरे आदमी के रूप में याद करते है। लेकिन रावण भगवान राम से भी ज्यादा ज्ञानी व्यक्ति था। और सहनशील व्यक्ति था। रावण की सहनशीलता के कारण ही सीता माता की मर्यादा बची रही। और रावण ने माता सीता को टच भी नहीं किया। इस प्रकार इंसान के अहंकार के कारण उसकी एक गलती उसे तबाह कर सकती है। दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि मृत्यु से पहले रावण ने स्त्रियों के बारे में कौनसी तीन बातें कही थी तो आइए एक बार जरूर जान लेते हैं। 1. रावण ने मरते समय स्त्रियों के बारे में पहली बात यह है बताई थी कि स्त्रियां किसी भी बात से जल्दी पलट जाती है। और कभी सच नहीं बोलती। इसलिए स्त्रियों पर सोच समझकर ही विश्वास करना चाहिए। और स्त्रियां इधर की बात उधर ज्यादा करती है। इस प्रकार स्त्रियां लोगों के बीच झगड़ा भी करवा सकती हैह आप भी अपने दैनिक जीवन में तय कीजिए ...

माँ दुर्गा के असरदार मनोकामना पूर्ति मंत्र

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माँ दुर्गा हिन्दू धर्म मैं एक प्रमुख देवी है। जिन्हे शक्ति की देवी भी कहा जाता है। शक्ति की आराधना करनेवाले माँ दर्जा की पूजा करते है। हिन्दू धर्म मैं माँ दुर्गा की स्थान परम पिता ब्रह्मा के समान है। संसार की रचना करनेवाली माँ दुर्गा ही हैं । इसलिए माँ दुर्गा की पूजा अति फलदायी होते है। चलिए दोस्तों माँ दुर्गा से जुड़े कुछ उपाय जान लेते हैं, जिसे पालन करने से घर मैं खुशिया और सुख समृद्धि आएंगे। माँ दुर्गा की पूजा के नियम कठिन है मगर जो भी निष्ठापूर्बक पालन करेगा उसकी मुराद ज़रूर पूरी होंगे। शास्त्र के अनुसान ब्रमांड के सरे पापी माँ दुर्गा की नाम से डरती हैं। श्रद्धा पुर्बक माँ दुर्गा की नाम लेने से कोई भी संकट दूर होती हैं। अगर जीवन में कोई परेशानी चल रही हो, तो मां दुर्गा के किसी भी मंत्र का एक माला का जाप करें। माँ दुर्गा की बीज मंत्र का जाप करें जो निचे दिए गए है ।  “ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:” माँ दुर्गा की इस मंत्र का रोज़ाना 108 बार जाप करना फलदायी सिद्ध होता है। धर्म शास्त्र के अनुसार दुर्गा मंत्र जाप करना रात्रि के समय अधिक असर दिखाते हैं, इसलिए रात्रि में...

घर की इस दिशा में रखे क्रिस्टल का कछुआ, अचानक बरसेगा इतना पैसा कि, देखते रह जाओगे

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क्या आप जानते हैं, कि घर में कछुआ रखने से भी सुख,शांति, समृद्धि प्राप्त होता है। जी हां कछुए को हमेशा से ही एक प्रभावशाली यंत्र और जीव के रूप में देखा गया है। हिंदू धर्म के अनुसार कछुए को बहुत ही शुभ माना जाता है।भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण कर समुद्र मंथन के समय मंद्रांचल पर्वत को अपने कवच पर थामा था। कहा जाता है कि जहां कुछआ होता है, वहां लक्ष्मी का आगमन होता है। अपने घर दफ्तर में कछुए को रखना बहुत ही शुभ होता है। इससे कारोबार में खूब तरक्की होती है।फेंग शुई के अनुसार कछुए का मुख हमेशा घर की पूर्व दिशा में होना चाहिए, यह दिशा शुभ मानी गई है। कछुआ अगर मिट्टी का बना हुआ है तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा, मध्य या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए। धातु से बने हुए कछुए को उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं। क्रिस्टल के बने हुए कछुए को या तो दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें। लकड़ी के बने हुए कछुए को पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें। हम उम्मीद करते है, कि ये कछुआ आपके जीवन और घर में केवल खुशियां लेकर ही आएगा। हमें सपोर्ट करने के लिए किसी ...

कई वर्षों बाद भगवान विष्णु हुए प्रसन्न जून में इन 4 राशि के लोगों की चमकेगी किस्मत

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1.मेष राशि -भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि आप के ऊपर लगातार बनी रहेगी ।आप अपनी मेहनत पर और खुद पर भरोसा रखें और लगातार बार बार मेहनत करते रहे ।आपको जरूर सफलता हासिल होगी। भगवान विष्णु आपके जीवन में आने वाली भी परेशानियों और कष्टों का निवारण करेंगे ।आपको अपने लाइफ में अचानक में परिवर्तन देखने को मिलेंगे। कोशिश करें कि आपके द्वारा किए गए प्रयत्न समाज के हित में हो ।भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि से आपके सभी दुख दर्द दूर हो जाएंगे। आपकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत होगी जिससे आपकी परिवार में खुशहाली आएगी। 2.कर्क राशि- जून का महीना आपके लिए लाइफ चेंजिंग साबित होने वाला है भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि आप के ऊपर सबसे अधिक रहेगी। जिसके कारण आप अपने जीवन में तेजी से प्रगति करते हुए आगे बढ़ेंगे ।आपको कुछ अलग करने की आदत आपको बड़ी सफलता दिलाएगी। भगवान विष्णु का नाम लेकर जो भी काम या व्यापार शुरू करना चाहते हैं ।तो शुरू कर सकते हैं ।आप को उस में अपार सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और खाने-पीने की चीजों में संयम बरतें। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। 3.तुला राशि -जून का महीना आपके...

4 जून राशिफल, जानिये कैसा रहेगा आज आपका दिन…

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मेषराशि- आज के दिन आप अपने प्रिय को बहुत याद करेंगे। मुमकिन है कि कामकाज के मोर्चे पर यह काफ़ी मुश्किल दिन रहे। अपने आप पर एक सीमा के बाद दबाव न डालें और पर्याप्त आराम लें। आपके घर से जुड़ा निवेश फ़ायदेमंद रहेगा। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। आज आपका मन भटक सकता है। वृषराशि- प्यार-मुहब्बत के मामले में अपनी ज़ुबान पर क़ाबू रखें नहीं तो परेशानी में पड़ सकते हैं। सकारात्मक सोच और हालात के उजले पहलू को देखना आपको इससे बचा सकता है। दोस्तों की परेशानियों और तनाव के चलते आप अच्छा महसूस नहीं करेंगे। ख़ुद को अभिव्यक्त करने के लिए अच्छा समय है और ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कीजिए जो रचनात्मक हों। आज आपके पास लोगों से मिलने-जुलने का और अपने शौक़ पूरे करने का पर्याप्त खाली वक़्त है। आज आपका जीवनसाथी वैवाहिक जीवन की शान्ति और ख़ुशी को कुछ ख़राब कर सकता है। मिथुनराशि- अपना तनाव दूर करने के लिए परिवार वालों की मदद लें। उनकी सहयता को खुले दिल से स्वीकारें। अपनी भावनाओं को दबाएँ और छुपाएँ नहीं।...

भगवान शिव के इस मंदिर से कोई नहीं जाता खाली, संतान प्राप्ति के लिए लोग करते हैं पूजा

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भगवान शिव का एक मंदिर है जहां बालहीन जोड़े के लिए बच्चे को पाने के लिए विशेष पूजा की जाती है। भक्त को आपके हाथ में "घी का दिया" पूरी रात को जलाकर करने की ज़रूरत है और आपको भगवान शिव से प्रार्थना करने की ज़रूरत है। नीचे हम आपको इस मंदिर के बारे में अधिक जानकारी देते हैं जहां आप बच्चे के लिए शिव की पूजा कर सकते हैं। देवप्रयाग भारत के श्रीनगर के पास स्थित है। यह ऋषिकेश से 67 किमी की दूरी पर है। यह भागीरथी और अलकनंदा नदी के संयोजन का भी एक स्थान है। यह अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यहां कमलेश्वर महादेव की उत्कृष्टता का अनुभव किया जा सकता है। बच्चे पूरी रात के लिए बच्चे की इच्छा के लिए जागते हैं। लोग भगवान शिव की पूजा करने के लिए विशेष समारोह करते हैं। प्रकाश की चमक जीवन की समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद करती है। कोई भगवान शिव की पूजा करके बच्चे को प्राप्त कर सकता है। देवता भगवान शिव की पूजा करने के लिए पूरी रात खड़े होकर अपने हाथ में दिए को जलाकर रहते हैं। भगवान शिव की पूजा करके लोग अपनी समस्याओं को दूर कर सकते हैं और अपने जीवन में शक्ति प्राप्त कर स...

शेषनाग भगवान शिव पर हुए थे क्रोधित, जिसका भयंकर प्रभाव आज भी भोग रहा है कलयुग

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एक समय माता पार्वती जब जल में स्नान कर रही थी तब उनके कानों के आभूषणों में लगी एक दुर्लभ मणि उस जल में गिर गई। जब माता पार्वती ने यह बात भगवान शिव को बताई, तब भगवान शिव ने अपने गुणों से इस मनी को उस जल्द से वापस लेकर आने को कहा। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी गणों को वह मणि नहीं मिल पाई। इस बात पर भगवान शिव नाराज़ हो गए। भगवान शंकर को देख सारे देवगन भयभीत हो गए। भगवान शिव का क्रोध इतना बढ़ा कि उन्होंने अपना तीसरा नेत्र खोल दिया। उस तीसरे नेत्र को खोलने से एक महान शक्ति पैदा हुई जिनका नाम नैना देवी पड़ा। तब नैना देवी ने बताया कि वह दुर्लभ मणि पाताल लोक में शेषनाग के पास है। तब सारे देवगन शेषनाग के पास पहुंचे और उनसे मणि मांगी, बहुत अधिक प्रार्थना करने पर शेषनाग ने वह दुर्लभ मणि देव गणों को दे तो दी लेकिन उससे शेषनाग बहुत क्रोधित भी हुए और उसी क्रोध में शेषनाग में भयंकर फ़ुफ़कार भरी जिस वजह से इस जगह पर गर्म जल की धारा फूट पड़ी। यह जगह आज भी मनाली में है जहां बर्फीली ठंड में भी वहां का पानी उबलते रहता है।

भगवान विष्णु और शिव के संयोग से उत्पन्न हुआ था अद्भुत पुत्र, सच जानकर रह जायेंगे हैरान

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आज हम आपको भगवान विष्णु और भगवान शिव की अद्भुत लीला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। किंतु हम आपको प्राचीन पौराणिक कथा के अनुसार बताने जा रहे हैं कि भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों का एक पुत्र था। शिव और विष्णु से कैसे उत्पन्न हुआ पुत्र: शायद आप सब को यह तो पता ही होगा कि मां चंडिका ने महिषासुर का वध किया था किंतु महिषासुर की एक पत्नी भी थी जिसका नाम महिषी था। इसने अपने पति का प्रतिशोध लेने के लिए भगवान ब्रह्मा की कठोर तपस्या की थी फिर ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर के महिषी को वरदान मांगने को कहा। तब महिषी ने अमर होने का वरदान चाहा लेकिन ब्रह्मा जी ने इस वरदान को देने से मना कर दिया। तब महिषी ने वरदान मांगा कि मेरी मृत्यु केवल भगवान विष्णु और शिव के पुत्र से ही हो। मोहिनी का अद्भुत स्वरूप: जब नारद मुनि ने भगवान शिव को बताया कि भगवान विष्णु का मोहिनी नामक स्वरूप सभी स्वरूपों में सबसे अधिक सुंदर हैं। तो उसे देखने के लिए भगवान शिव विष्णु जी के पास चले गए तथा उनसे बोले कि हमें आपके मोहिनी स्वरूप का दर्शन कराइए। जब भगवान विष्...

जानिए ऋषि च्यवन और राजा कुशिक की एक अदभुत कथा

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प्राचीन समय में च्यवन नाम के ऋषि हो गए. उन ऋषि को वृद्धावस्था में युवावस्था अश्विनीकुमारो की कृपा से फिर से प्राप्त हुई थी. अश्विनीकुमारों ने उन्हें जो औषधि बनाकर दी थी उसकी को च्यवनप्राश कहते है. यह च्यवन ऋषि बहुत ही ज्ञानी और तेजस्वी ऋषि थे. एक बार ऋषि च्यवन को अपनी भविष्य देखने की शक्ति की वजह से यह ज्ञान हो गया की कुशिक राजा के वंश की एक कन्या के कारण मेरे वंश में एक बालक ऐसा होगा जो ब्राह्मण होकर भी क्षत्रिय धर्म का पालन करेगा. इस कारण से ऋषि च्यवन ने राजा कुशिक के वंश को भस्म कर देने का निश्चय कर लिया. उस समय च्यवन ऋषि कुशिक राजा के घर अतिथि बनकर गए. कुशिक राजा और उनकी रानी ने च्यवन ऋषि की बहुत सेवा की परंतु च्यवन ऋषि तो राजा कुशिक के धैर्य की परीक्षा लेना चाहते थे. उन्होंने राजा कुशिक को यह कहा कि मेरे पैर दबाते रहो में सो जाता हूँ मुझे जगाना मत, और उसके बाद ऋषि च्यवन इक्कीस दिन तक सोये रहे. राजा रानी लगातार इक्कीस दिन तक एक पैर को दबाते रहे परंतु उन्होंने ऋषि च्यवन को नींद से जगाया नहीं और इक्कीस दिन बाद ऋषि च्यवन ने करवट बदली और दुबारा राजा रानी इक्कीस दिन...